🕉️ Maha Shivaratri 2026: व्रत, पूजा विधि और महत्व
📅 महाशिवरात्रि 2026 कब है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों के अनुसार Maha Shivaratri वर्ष 2026 में रविवार, 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर रात्रि भर पूजा-अर्चना, अभिषेक और जागरण का आयोजन किया जाएगा, जो सोमवार प्रातः तक जारी रह सकता है।
भक्तों को सटीक पूजा समय और रात्रि अनुष्ठानों की जानकारी के लिए अपने स्थानीय मंदिर या पुजारी से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। 🕉️
🕉️ महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान Lord Shiva और माता Goddess Parvati के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था।
इस पवित्र रात्रि में व्रत और पूजा करने से:
- पापों का नाश होता है
- मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
- वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है
- आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है
🙏 महाशिवरात्रि व्रत विधि
🔹 व्रत के प्रकार
- निर्जला व्रत – बिना अन्न और जल के
- फलाहार व्रत – फल, दूध और व्रत आहार
- दूध-फल व्रत – हल्का उपवास
🔹 व्रत में क्या खाएं?
- फल (केला, सेब, पपीता)
- दूध और दही
- साबूदाना खिचड़ी
- सिंघाड़े का आटा
- सेंधा नमक
⚠️ अन्न, चावल, प्याज-लहसुन का सेवन वर्जित है।
🪔 महाशिवरात्रि पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान की साफ-सफाई करें।
- शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।
- दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें।
- बेलपत्र और सफेद पुष्प अर्पित करें।
- दीपक और धूप जलाएं।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप करें।
- रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करें।
🛕 प्रमुख शिव मंदिर
महाशिवरात्रि पर भक्त देश के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं, जैसे:
🌸 महाशिवरात्रि कैसे मनाएं?
- रात्रि जागरण करें
- रुद्राभिषेक कराएं
- मंदिर सजावट और दीप प्रज्ज्वलन करें
- जरूरतमंदों को दान दें
- शिव मंत्रों का जाप करें
📌 महाशिवरात्रि 2026 के लाभ
✔ मानसिक शांति
✔ परिवार में सुख-समृद्धि
✔ स्वास्थ्य में सुधार
✔ आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि
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